प्रभु को छोड़ माया के पीछे भाग रहा मनुष्य

जागरणटीम,आगरा।तीर्थस्थलबटेश्वरकेपरमार्थधाममेंचलरहीश्रीमद्भागवतकथामेंपधारेपं.श्यामसुंदरशास्त्रीनेकहाकिकलियुगमेंमायाप्रबलहोचुकीहै।मनुष्यभगवानकोछोड़करमायाकेपीछेभागरहाहै।ऐसेमेंवहबंधनमेंजकड़ाजारहाहै।मानवकोअपनाजीवनसुधारनेकेलिएभागवतकथाकाश्रवणकरनाचाहिए।

उन्होंनेमर्यादापुरुषोत्तमश्रीरामऔरश्रीकृष्णजन्ममहोत्सवकीकथाकामार्मिकवर्णनकिया।कहाकिययातिकेबड़ेपुत्रयदुहुए।उन्हींकेवंशमेंभगवानश्रीकृष्णनेजन्मलिया।भगवानश्रीकृष्णनेसंसारकोअंधेरेसेप्रकाशमेंलानेकेलिएजन्मलियाऔरअज्ञानरूपीअंधकारकोज्ञानरूपीप्रकाशमेंबदला।कथाकाआयोजनश्यामानंदजीमहाराज,पंडितब्रजेशशास्त्रीऔरआचार्यराजेंद्रजीकेसानिध्यमेंहोरहाहै।प्रभुश्रीकृष्णजन्मकीकथासुनझूमेश्रद्धालु

जागरणटीम,आगरा।किरावलीकस्बाकीपैंठगलीमेंचलरहीभागवतकथाकेचौथेदिनकथावाचकआचार्यराजबहादुरशास्त्रीनेभगवानश्रीकृष्णकेअवतारकीकथाकावाचनकिया।कहाकिश्रद्धाऔरविश्वासकेसाथश्रीमद्भागवतकथाकाश्रवणकरेंतोमोक्षकीप्राप्तिहोतीहै।उन्होंनेकहाकिश्रीमद्भागवतपुराणसबसेमहानहै।इसेसुननेसेराजापरीक्षितकोमोक्षकीप्राप्तिहुईथी।डा.आरपीसिंहपरमारनेकथावाचककामालापहनाकरसम्मानकिया।इसमौकेपरअमितअग्रवाल,महावीरअग्रवाल,प्रदीपअग्रवाल,सौरभबंसल,जीतेठाकुर,अनिलउपाध्यायमौजूदरहे।पीआरवी-57केचालकनेदिखाईईमानदारी

जागरणटीम,आगरा।पीआरबी-57केचालकनेईमानदारीकीमिसालपेशकी।बैंककेबाहरड्यूटीकेदौरानमिले6200रुपयेउन्होंनेहकदारतकपहुंचाए।पीआरवीचालकहोमगार्डसुल्तानसिंहकोशुक्रवारदोपहरबैंकआफइंडियाकीशाखाकेबाहर6200रुपयेमिले।उन्होंनेरकमअपनेपासरखली।कुछदेरबादचमरौलीनगरियानिवासीमनोजउपाध्यायहांफतेहुएबैंकपहुंचे।सुल्तानसिंहनेशक्तदेखकरअंदाजलगालियाकिरकमउनकीहीगिरीहै।पूछताछमेंमनोजनेहकीकतबयांकरदी।सुल्ताननेजेबसेउक्तरकमनिकालकरउनकेसामनेरखदी।यहदेखमनोजभावुकहोगए।सुल्तानसिंहकाधन्यवाददियाऔररवानाहोगए।मनोजनेबतायाकिउन्होंनेकुछदेरपहलेहीबैंकसेकैशनिकालाथा।घरपहुंचेतोकैशनहींथा।इसपरबैंककीओरदौड़लगाई।