Jammu Kashmir DDC Chunav: तब भी हमारे गांव की सड़कें कच्‍ची थीं, आज भी वैसी ही हैं, उम्‍मीद है मेरा यह वोट तकदीर बदलेगा

रजियानूर,श्रीनगर:कश्मीरमेंकड़ाकेकीठंडमेंभीअवामकाजोशहिलोरेमाररहाहै।युवाहोयाअधेड़याबुजुर्गविकासकीचाहमेंमतदानकरनेसेपीछेनहींहटरहेहैं।जिलाविकासपरिषदकेचुनावकेपांचवेंचरणमेंकश्मीरमेंमतदानकेंद्रोंकेबाहरलगीकतारेंयहगवाहीदेरही थीकिआतंकवादकेदिनअबलदगएहैं।

जिलाविकासपरिषदकेअभीतकपांचचरणमुकम्मलहोगएहैं।अभीतकतमामचरणोंमेंवृद्धाओंनेबढ़चढ़करहिस्सालेकरवादीमेंखुशहालीवतरक्कीकेलिएवोटदिए।श्रीनगरसे28किमी दूरगांदरबलजिलेमेंझेलमदरियाकिनारेआबादवाकूरामेंबुजुर्गमतदाताओंकागजबकाजोशदेखागया।

105वर्षीयगुलामअहमदगुरुहाड़कंपानेवालीठंडकीपरवाहकिएबिनालाठीकेसहारेकच्चेरास्तोंपरसरकारीस्कूलमेंबनेमतदानकेंद्रकीतरफजारहाथे।वोटडाल अंगुलीपरलगेनिशानकोदिखातेहुएगुरुनेकहाकिमैंने1947मेंहिंदुस्तानपाकिस्तानकेबीचबंटवाराभीदेखाहै।मैंकबायलीहमलेकाचश्मदीदहूं।गांवकीकच्चीसड़कसेमतदानकेंद्रजातेसमयवर्ष1947कावहदिनयादआयाजबहमबचतेबचातेश्रीनगरभागआएथे।तबभीहमारेइसवाकूरागांवकीसड़केंऐसीहीकच्चीपक्कीथीऔरआजभीवैसीहीहैं।

हांनएमकानबननेसेहमारेगांवकाहुलियाथोड़ाबदलाहै।मुझेउम्मीदहैकियहचुनावहमारेगांवकीतकदीरबदलेगा।गुरुनेकहाकिगांवमें500परिवार हैं।लोगमेहनतमजदूरीकरकेअपनागुजाराकरतेहैं।सड़केंठीकनहोनेकीसूरतमेंदिक्कतेंझेलनीपड़तीहै।खासकरबीमारोंऔरस्कूल-कॉलेजजानेवालेबच्चोंको।किसीभीजगहयाइलाकेकीतरक्कीकादारोमदारउसइलाकेकीसड़कोंपरहोताहै।

हमाराइलाकातरक्कीकेलिहाजसेपिछड़ाहुआहै।पूर्वसरकारोंनेतोबेरोजगरीदूरकरनेकेलिएसिर्फसब्जबागदिखाए।इसबारइसीशर्तपरउसेवोटकरनेकाफैसलाकियाजोविकासकरवाएगा।उम्मीदहैकिइसबारहमाराइलाकाभीतरक्कीकीडगरपरचलपड़े।90वर्षीयमो.इरफानकहतेहैंकिआतंकवादनेविकासकोनिगललिया।इसकाफायदासियासतदानोंनेउठाया।कभीविकासपरपैसाखर्चनहींकिया।85वर्षीयबीवीसुलतानानेकहाकिगांवकीसड़कदिखतीहुईनहींहै।सड़कपक्कीहोनेकेकईनेताओंनेवादेकिए।उम्रभीबीतगई।