गुलाम नहीं होता शस्त्र व शास्त्र की पूजा करनेवाला देश

सहरसा।दुर्गापूजाकेमौकेपरराष्ट्रीयस्वयंसेवकसंघकेद्वारामंगलवारकोमनोहरउच्चविद्यालयपरिसरमेंविजयादशमीउत्सवधूमधामसेमनायागया।इसअवसरपरस्वयंसेवकोंद्वाराघोषदलकेसाथपथसंचलननिकालागया,जोमनोहरस्कूलसेनिकलकरप्रशांतमोड़,बंगालीबाजार,शंकरचौक,सब्जीमार्केट,शहीदचौक,महावीरचौक,धर्मशालारोडहोतेहुएडीबीरोड,थानाचौक,गंगजलाचौकहोतेहुएबसस्टैंडकेरास्तेपुन:मनोहरस्कूलमेंपहुंचकरबौद्धिकएवंप्रार्थनाकियागया।मुख्यशिक्षकविष्णुकुमारकेसंचालनमेंअमृतवचन,सुभाषित,व्यक्तिगतगीत,सामूहिकगीततथाभारतमाताकीप्रार्थनाकियागया।इसअवसरपरजिलासंघचालकसतीशचन्द्रवर्मा,सहविभागकार्यवाहउमाशंकरखांभीउपस्थितरहे।बौद्धिकदेतेहुएप्रांतसेवाप्रमुखबुद्धेश्वरकुमारनेकहाकिराष्ट्रीयस्वयंसेवकसंघकीस्थापनाविजयादशमीकेदिननागपुरमेंडा.हेडगेवारकेद्वारा1925मेंकियागयाथा।उन्होंनेकहाकिसंघ96वर्षोंकाहोचलाहै।इसकामतलबयहनहींकिसंघबूढ़ाहोगयाहै,बल्किसंघअभीजवानहुआहैऔरपूर्णगतिसेगतिमानहोकरसंगठनदिनानुदिनप्रगतिकीराहपरअग्रसरहै।कहाकिअबतकअनेकोंसंगठनकानिर्माणहुआ,लेकिनसभीसंगठनकालकेगर्भमेंसमागया,जिनकाअबकोईअता-पतानहींहै।परंतु,संघकेसंस्थापकडा.हेडगेवारनेदूर²ष्टिकेसाथसंघकाध्येयऔरलक्ष्यनिर्धारितकरविशेषकार्यपद्धतिकोविकसितकिया।उन्होंनेकहाकिसदैवशाश्वतसत्यपरआधारितध्येयस्मरणरखनेकीआवश्यकताहै।संगठितशक्तिकेबलपरहमदुनियाकोएकनईराहदिखासकतेहैं।कहाकिसृष्टिकेआरंभसेहीदेवऔरदानवशक्तियोंमेंयुद्धहोतारहाहै।उन्होंनेकहाकिसंघअपनेदैनिकशाखाकेमाध्यमसेस्वयंसेवकोंकीशक्तिमेंवृद्धिकरसंगठितऔरचरित्रनिर्माणकरताहै।कहाकिशस्त्रऔरशास्त्रकीपूजाकरनेवालेदेशकभीगुलामनहींहोसकताहै।राष्ट्रीयस्वयंसेवकसंघकेद्वाराविजयादशमीअवसरपरशस्त्रपूजनभीकियागया।मौकेपरकलासंस्कृतिएवंयुवाविभागमंत्रीडा.आलोकरंजन,पूर्वविधायकसंजीवकुमारझा,जिलाकार्यवाहविद्यावरण,आशीषटिकू,विजयबसंत,प्रोगौतमकुमारसिंह,सुमनसमाज,नीरजकुमार,मोनूझा,सुभाषचन्द्रझा,सागरराय,रंजीतदास,मनोजकुमार,विभागप्रचारकसंतोषकुमार,मुन्नाकुमार,सुरेन्द्रभगत,उदाहरणभगतसहितबड़ीसंख्यामेंस्वयंसेवकमौजूदरहे।